अपने आप पर काबू ना रहा


Antarvasna, hindi sex kahani: एक बार मैं दिल्ली से जयपुर का सफर ट्रेन में कर रहा था जिस ट्रेन में मैं था उसी ट्रेन में मैंने अपने सामने वाली सीट में एक लड़की को बैठे देखा। मैंने उस लड़की को देखा तो उसकी तरफ मैं देखता ही रहा लेकिन मुझे क्या मालूम था कि वह मेरी बहन की सहेली होगी। एक दिन जब उससे मेरी मुलाकात हुई तो मैं उससे नजर भी नहीं मिला पाया क्योंकि जिस प्रकार से ट्रेन में मैं उसे देख रहा था उससे उसे लगा होगा कि शायद मैं बिल्कुल भी ठीक लड़का नहीं हूं लेकिन ऐसा तो बिल्कुल भी नहीं था। जब मेरी बहन ने मेरी मुलाकात आशा से करवाई तो उस वक्त आशा और मेरी पहली ही मुलाकात थी। हम दोनों एक दूसरे से बातें कर रहे थे उसके बाद आशा से मेरी बातें होने लगी, हम दोनों एक दूसरे से मिलने लगे थे और हम दोनों की बातें काफी होने लगी थी। हमारी जिंदगी में सब कुछ ठीक चल रहा था क्योंकि मेरी जिंदगी में आशा आ चुकी थी और आशा से मैं प्यार करने लगा था लेकिन मुझे नहीं मालूम था कि हम लोगों का रिलेशन ज्यादा समय तक नहीं चल पाएगा।

आशा के परिवार वालों ने उसका रिश्ता कहीं और ही तय कर दिया था लेकिन आशा तो मुझसे शादी करना चाहती थी उसने मुझसे कहा कि मैं तुमसे ही शादी करना चाहती हूं। आशा ने मुझसे कहा कि हम लोग भाग कर शादी कर लेते हैं लेकिन मैं इस बात के लिए बिल्कुल तैयार नहीं था मैंने आशा को कहा कि यह बिल्कुल भी ठीक नहीं है। मैं भी आशा से बहुत प्यार करता था लेकिन हम दोनों की शादी हो नही पाई क्योंकि आशा की शादी कहीं और ही हो गई। आशा की शादी हो जाने के बाद वह मेरी जिंदगी से दूर जा चुकी थी और हम लोगो का उसके बाद कभी मिलना भी नहीं हुआ। मेरी जिंदगी पूरी तरीके से बदल चुकी थी क्योंकि आशा के मेरी जिंदगी से चले जाने के बाद मैं काफी टूट चुका था मैं समझ नहीं पाया की मुझे किसी की जरूरत होगी। मुझे आशा की बहुत याद आती लेकिन फिर मैंने भी उसे भुलाना ही बेहतर समझा उसके बाद मैंने जयपुर में अपने पिताजी का काम संभाल लिया। मैं उनका काम संभालने लगा था पापा का हैंडीक्राफ्ट का काम है और उनकी दुकान जयपुर में है उनके काम को मैं ही देख रखा था और काम भी काफी अच्छे से चल रहा था।

एक दिन एक लड़की घूमने के लिए जयपुर आई हुई थी और समान खरीदते वक्त उसका पर्स दुकान में ही छूट गया मैंने उसके पर्स को खोलना भी ठीक नहीं समझा। करीब दो दिन तक उसका पर्स मेरी दुकान में ही था मुझे लगा शायद वह लड़की लौट कर आएगी तो मैं उसे उसका पर्स वापस लौटा दूंगा लेकिन वह लौटकर नहीं आई। दो दिन बाद जब मैंने उस लड़की के पर्स को खोला तो उसमें उसका विजिटिंग कार्ड था और मैंने उसमें देखा कि उस लड़की का नंबर भी था, मैंने उस लड़की को फोन किया तो मुझे पता चला कि उसका नाम मनीषा है। मनीषा से मैंने कहा कि आपका पर्स मेरी दुकान में रह गया था पहले तो मुझे लगा कि आप लौट आएंगे लेकिन जब आप आई नहीं तो मैंने आपको फोन कर दिया। वह मुझे कहने लगी मैं तो दिल्ली आ चुकी हूं मैंने उसे कहा कि क्या आपका कोई परिचित यहां जयपुर में रहता है मैं उसे ही आपका पर्स लौटा दूंगा। वह मुझे कहने लगी कि नहीं मेरा कोई भी परिचय जयपुर में नहीं रहता है। मनीषा से मेरी काफी देर तक फोन पर बातें हुई उसने मुझे कहा कि वह कुछ दिनों बाद जयपुर आएगी तो वह मुझसे पर्स ले लेगी। उसके पर्स में पैसे भी थे और उसके डॉक्यूमेंट भी थे मैंने उसे कहा कि जब भी आप जयपुर आएंगे तो आप मुझसे अपना पर्स ले लीजिएगा वह कहने लगी ठीक है। वह करीब 15 दिनों बाद मेरी दुकान में आई जब वह आई तो मैंने उसे पहचान लिया था वह मुझसे कहने लगी कि आप बड़े ईमानदार और अच्छे व्यक्ति हैं। मनीषा का पर्स मैंने उसे लौटा दिया था तो मनीषा मुझे कहने लगी कि आपका मुझ पर काफी बड़ा एहसान है।

मैंने मनीषा को कहा इसमें एहसान की क्या बात है यह तो इंसानियत के नाते मेरा फर्ज था और अब मैंने तुम्हें तुम्हारी अमानत लौटा दी है। मनीषा मुझे कहने लगी कि अगर आपको बुरा ना लगे तो क्या आप मेरे साथ डिनर पर चल सकते हैं। मैंने मनीषा को कहा कि नहीं मैं आपके साथ नहीं आ पाऊंगा लेकिन मनीषा ने मुझसे जिद की तो मैं भी उसकी बात को मना ना कर सका और मैं उस दिन मनीषा के साथ डिनर पर चला गया। उस दिन हम दोनों साथ में ही बैठे हुए थे तो मैं मनीषा से बात कर रहा था मैंने मनीषा से पूछा की तुम्हारे घर में कौन-कौन है तो मनीषा ने मुझे बताया कि उसके पापा मम्मी दोनों ही डॉक्टर है और उसे घूमना बहुत ही अच्छा लगता है। मैंने मनीषा को कहा कि चलो यह तो बड़ी अच्छी बात है कि इस बहाने कम से कम तुमसे मेरी मुलाकात हो गयी और मुझे एक अच्छा दोस्त भी मिल गया, मनीषा मुझे कहने लगी कि आप बहुत ही अच्छे इंसान हैं। उस दिन मनीषा के साथ मुझे समय बिताकर काफी अच्छा लगा मुझे ऐसा लगा कि जैसे मेरी जिंदगी में दोबारा से बाहर आ गई हो लेकिन मैंने उसके बाद मनीषा से बात नहीं की और हम लोग काफी समय तक मिले भी नहीं।

मनीषा मुझे करीब तीन महीने बाद दोबारा से मिली, वह मेरी शॉप पर आई और उसने मुझसे काफी देर तक बात की। वह जयपुर में ही कुछ दिनों तक रुकने वाली थी तो मैं मनीषा से मिलने लगा मनीषा और मैं अब हर रोज मिलने लगे थे। मुझे मनीषा का साथ पाकर अच्छा लगने लगा और मनीषा को भी मेरे साथ अच्छा लगने लगा। मनीषा को मैंने अपने टूटे हुए रिलेशन के बारे में बता दिया था तो मनीषा मुझे कहने लगी कि आपके साथ बहुत गलत हुआ। मैंने मनीषा को कहा कि अब जो होना था वह तो हो चुका है और अब मैं अपने पुराने रिलेशन को भूल कर आगे बढ़ चुका हूं। मनीषा करीब 10 दिनों तक जयपुर में रुकने वाली थी। मैं मनीषा का साथ पाकर बहुत ही ज्यादा खुश था मनीषा भी मेरा साथ पाकर बहुत खुश थी। हम दोनों के बीच कम ही समय में काफी अच्छी बातचीत हो गई थी। जब मनीषा दिल्ली वापस लौटने वाली थी तो मनीषा ने मुझे उस दिन अपने होटल में बुलाया और मैं मनीषा को मिलने के लिए गया। मैं जब मनीषा को मिलने के लिए गया तो उस दिन मैं मनीषा की आंखों में देख रहा था और वह मेरी आंखों में देख रही थी। हम दोनों ही एक दूसरे से कुछ कहना चाहते थे लेकिन कह नहीं पा रहे थे परंतु जब मनीषा ने मुझे गले लगाया तो मुझे भी बहुत अच्छा लगा। मैंने मनीषा की तरफ देखते हुए कहा मनीषा क्या हुआ? मनीषा मुझे कहने लगी रोहित बस ऐसे ही मुझे लगा कि जैसे तुम मुझे छोड़ कर चले जाओगे। मैंने मनीषा को कहा लेकिन तुम इतनी ज्यादा इमोशनल क्यों हो गई। मनीषा भी कुछ समझ नहीं पाई मैंने उसे बैठने के लिए कहा हम दोनों साथ में बैठे हुए थे।

जब हम दोनों साथ में बैठे हुए थे तो मैं मनीषा से बात कर रहा था लेकिन जब मेरा हाथ मनीषा की जांघ पर लगा तो मैंने मनीषा के होंठों को चूम लिया। मैने मनीषा के नरम और मुलायम होठों को चूमकर हम दोनों की गर्मी को बढा दिया था। मैं पूरी तरीके से उत्तेजित हो ही चुका था मनीषा भी पूरी तरीके से उत्तेजित हो चुकी थी। हम दोनों अपने अंदर की गर्मी को बिल्कुल भी ना रोक सके और मैंने मनीषा से कहा मुझसे बिल्कुल रहा नहीं जाएगा। मनीषा ने कोई जवाब नहीं दिया लेकिन अब मैं मनीषा को बिस्तर पर लेटा चुका था और धीरे-धीरे उसके बदन से मैंने कपड़े उतारने शुरू किए। मैंने मनीषा के बदन से कपड़े उतारने शुरू किए मैं उसके बदन से कपड़े उतार चुका था मनीषा मुझे कहने लगी रोहित आज पहली बार मैं किसी लड़के के सामने नंगी हुई हूं। मैंने मनीषा से कहा क्या इससे पहले तुम कभी किसी के साथ रिलेशन में नहीं थी। मनीषा ने मुझे बताया नहीं इससे पहले वह किसी के साथ भी रिलेशन में नहीं थी जब मैंने उसके नंगे बदन को देखा तो मेरे अंदर की आग बढ चुकी थी। मैंने मनीषा के निप्पलो को चूसना शुरू किया। जब उसके निपल्स को चूस कर मैं उसे गर्म करने की कोशिश करता तो वह बहुत ही ज्यादा गर्म हो गई थी। अब मेरा हाथ मनीषा की चूत पर लगने लगा मैंने मनीषा की चूत को अपनी उंगली से सहलाना शुरू किया थोड़ी देर तक मैं ऐसे ही मनीषा की कोमल चूत को अपनी उंगली से सहलाता रहा। मैं समझ चुका था अब मैं रह नहीं पाऊंगा शायद यही वजह थी कि मैंने मनीषा की योनि पर आपने लंड को लगाया। जब मैंने मनीषा की चूत पर अपने मोटे लंड को लगाया तो मैंने मनीषा को तेजी से धक्के मारना शुरू कर दिया। मनीषा की योनि के अंदर मेरा लंड प्रवेश होते ही वह बहुत जोर से चिल्लाई और उसके मुंह से चीख निकली तो मैं समझ गया कि मनीषा की सील टूट चुकी है। मनीषा एकदम बिल्कुल फ्रेश माल थी। मैं उसे तेजी से धक्के मार रहा था मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा है। हम दोनों ही एक दूसरे के साथ बड़े अच्छे से चुदाई का मजा ले रहे थे।

मैने मनीषा के दोनों पैरों को अपने कंधों पर रख लिया जब मैंने ऐसा किया तो मनीषा को भी मजा आने लगा और वह सिसकारियां लेने लगी। मनीषा की सिसकारियां मेरी उत्तेजना को और भी ज्यादा बढ़ा रही थी और उसने मेरे अंदर की गर्मी को इतना ज्यादा बढ़ा दिया था कि अब हम दोनों बिल्कुल भी रह नहीं पा रहे थे। मैंने भी मनीषा की योनि के अंदर बाहर लंड को करना शुरू किया मैं जब उसे धक्के मारता तो उसकी चूत से खून। निकलता जिस से मैं और भी ज्यादा उत्तेजित हो जाता। मेरे अंदर की उत्तेजना बहुत ज्यादा बढ़ने लगी थी मैंने जब उसकी योनि के अंदर बाहर लंड को तेजी से किया तो मनीषा को बहुत ज्यादा मजा आने लगा और उसकी सिसकारियां भी बढ़ने लगी। मनीषा की सिसकारियां बहुत तेज हो चुकी थी अब मनीषा रह नहीं पा रही थी उसने मुझे अपने दोनों पैरों के बीच में जकडना शुरू कर दिया। जब उसने मुझे अपने पैरों के बीच में जकडना शुरू किया तो मैंने भी उसे तेजी से धक्के देने शुरु किए और मेरा माल मनीषा की योनि में गिर गया। जब मेरा माल मनीषा की योनि में गिरा तो मैंने अपने लंड को बाहर निकाला और हम दोनों एक दूसरे के साथ लेटे हुए थे। रात भर मैंने मनीषा के साथ सेक्स का जमकर मजा लिया और अगले दिन वह दिल्ली चली गई थी।



Online porn video at mobile phone


hindi ladki ki chudai videodesi gaand chootnew hot sex storykuwari girl chudaixxx sex kahani hindiland chut ki storichachi ki jabardasti gand marihindi sex book readlove kahani hindi mesexstory in हिन्दी चुदक्कड परीवार मे चुदाई का खेळanyarvasna comaunty ki hindi storybhabhi ko devar ne chodamummy ko nind me chodalund ka majadewar bhabhi sexy storiesdesi chudai storyhinde six storykahani hindi maigroup me chudaimaa ki chudai ki kathaapni tution teacher ko chodahindi sex ki kahaniantarvasna brother and sisterlatest hindi sex story in hindisex story didichoot memaa aur beta ki chudai kahanisavita bhabhi ki kahaniwww hindi sex store combest hindi xxxpreeti ki chudaiantravasna hindi sexy storysasu damad ki chudaihindi indian chudaimast chut ki chudaikunwari chut chudaibebo ki chudaibehan ko patayabehan ki chutbeti ki chut storydesi chudai hindi kahaniwww hindi sexy kahaniyawww chut ka majasex kahiniland or chut ki kahaniaunty group sexmastram chudai storychut picharchudai ki raathindi me maa ki chudai ki kahaninew hot hindi sexy storybhabi ko choda hindi sexy storylatest sex storiessexy sunita bhabhinew chudai hindi kahanibhabhi ki tattihindi aunty sex storydesi sadhu sexsex story chudaiaunty ki chudai story in hindibhai ne nahate hue chodaantarvasna storehindi me kahani chudai kichut sister kilatest chudai ki kahaninanad ki chudaiindian tailor sex storiespehli chudai ki storyjija sali ki chutसेकस देषी बल।ज पैटीकोट पहनकरantarvasna hsanjana sexyhindi nangi movieaunty ki tight chutchut ki chudai xxxbhabhi ki jabardasti chudai storyindian desi bhabhi chudaichudai ki khaniyachachi ki garam chutbhabhi devar ki chudai kahaniindian sexy story in hindi